Wednesday, July 01, 2015

वेबसाइट में बाउंस रेट का क्या मतलब होता है?

अगर आप एक ब्लागर हैं और आपकी अपनी वेबसाइट या ब्लॉग है तो आप वेब ट्रैफिक, एस.ई.ओ. और पेज व्यूज़ को ज़रूर जाँचते होंगे। आपका कई शब्दों से सामना होता होगा जैसे प्रतिदिन देखे गये पेज, साइट पर कुल समय और बाउंस रेट (Daily page views, Total time on site & Bounce rate) आदि| आइए आज बाउंस रेट के बारे में बात करते हैं। कई बार जब हम किसी नए व्यक्ति से मिलते हैं तो हमें उसकी बातें और उसकी व्यक्तित्व बहुत पसंद आता है और हम उस व्यक्ति से दोबारा भी मिलना चाहते हैं। कहने का मतलब है कि उस व्यक्ति का पहला प्रभाव (First Impression) बहुत ही आकर्षक लगता है या फिर उस व्यक्ति के बारे में हमारे मन में ये धारणा बन जाती है कि ये बहुत काम के व्यक्ति हैं।

Bounce rate definition

इंटरनेट की दुनिया में भी कई बार इसी तरह के अनुभवों से दो चार होना पड़ता है। जब हम किसी वेबसाइट या ब्लॉग को पहली बार देखते हैं और यदि हमें वो पसंद आता है तो हम उसे बार-बार देखना चाहते हैं या फिर हम उसे ई-मेल द्वारा सब्सक्राइब कर लेते हैं। इसके विपरीत कई बार कुछ वेबसाइट ऐसी भी होती हैं जिन्हें हम एक बार देखने के बाद दोबारा नहीं देखते क्योंकि वो हमें न तो प्रभावित कर पाती है और न ही उस पर हमें अपने काम की चीज मिलती हैं।


Bounce Rate meaning in Hindi

बाउंस रेट का हिंदी में अर्थ

बाउंस रेट (Bounce Rate) का अर्थ भी कुछ इसी तरह होता है: बाउंस रेट अधिक होने का मतलब है कि आपकी वेबसाइट पर ऐसे पाठकों की संख्या अधिक है जो आपकी वेबसाइट को एक बार खोलने के बाद उसके अन्य पेज और सामग्री को नहीं देखते हैं यानि कोई एक पेज खोलकर आपकी साइट बंद कर देते हैं। इन्हें हम एक पेज पर आने वाला पाठक (Single page visitors) भी कह सकते हैं|

एक सफल वेबसाइट या ब्लॉग के लिए इसे गंभीरता से लेने की ज़रूरत होती है। यदि आपकी वेबसाइट पर बाउंस रेट अधिक आ रहा है तो आपको इस पर ध्यान देना चाहिए कि वो कौन से कारण हो सकते हैं जिसके कारण पाठको को आपकी वेबसाइट आकर्षित और प्रभावित नहीं कर पा रही है और ऐसी कौन सी चीजें हैं जिनमें सुधार किया जा सकता है। जिस प्रकार से एक अच्छा व्यक्तित्व दूसरों को प्रभावित और आकर्षित करता है उसी प्रकार एक वेबसाइट या ब्लॉग का डिज़ाइन आकर्षक, व्यवस्थित, उपयोगी और पाठकों को समझ आने वाला होना चाहिए यदि ऐसा है तो यह पाठकों को आपसे जोड़े रखने में सहायता करता है।

संक्षिप्त में कहा जाये तो पाठकों रुचि आपकी साइट में बढ़ते ही बाउंस रेट घट जाता है। जो आपके ब्लॉग के लिए हर नज़रिए से एक अच्छा संकेत है।
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