Thursday, July 02, 2015

जिंदगी शायरी..

जिंदगी हे सफर का सीलसिला,

कोइ मिल गया कोइ बिछड़ गया,

जिन्हे माँगा था दिन रात दुआओ मे,

वो बिना मांगे किसी और को मिल गया...

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