Monday, May 23, 2016

Ada par Shayari in Hindi Mix Collection अदा पर शायरी संग्रह

अपनी ही तेग़-ए-अदा से आप घायल हो गया,

चाँद ने पानी में देखा और पागल हो गया !!



जिनकी अदा अदा में हैं रानाइयाँ ‘शकील’,

अशआर बन के वो मिरे दीवाँ में आ गए !!



वो अदा-ए-दिलबरी हो कि नवा-ए-आशिक़ाना

जो दिलों को फ़तह कर ले वही फ़ातेह-ए-ज़माना



होश में ला के मेरे होश उड़ाने वाले

ये तेरा नाज़ है, शोख़ी है, अदा है, क्या है

~नक़्श लायलपुरी



Ada Shayari in Hindi अदा पर शायरी

मेरी समझ में ये क़ातिल न आज तक आया,

कि क़त्ल करती है तलवार या अदा तेरी !! -जलील मानिकपुरी



मैं सर ब कफ सर ए मकतल कुछ इस अदा से गया

कि मेरा दुश्मने ने जां आन बान भूल गया।



वो सुब्ह-ए-ईद का मंज़र तिरे तसव्वुर में,

वो दिल में आ के अदा तेरे मुस्कुराने की !!



फ़िज़ा रंगीन, अदा रंगीन, ये इठलाना, ये शरमाना

ये अंगड़ाई, ये तनहाई, ये तरसा कर चले जाना

बना देगा नहीं किसको, जवां जादू ये दीवाना .. ~नीरज



Ada Shayari in Hindi अदा पर शायरी

मैं ज़ख़्म-ए-आरज़ू हूँ, सरापा हूँ आफ़ताब

मेरी अदा–अदा में शुआयें हज़ार हैं



नाज़..अदा..तेवर..शर्म..सरीखे तुमने

क़ैद में जाने कितने ही ग़ुलाम रक्खे हैं



अदा-ए-मत्लब-ए-दिल हमसे सीख जाए कोई

उन्हें सुना ही दिया हाल दास्तां की तरह

~दाग़



कई अहले नजर इसको भी डिस्को की अदा समझे

बेचारा कपकपाया जब कोई फनकार सर्दी में



बंदगी यह कि जज़्बात-ओ-ख़यालात हों पाक

फ़र्ज़ इताअत का मोहब्बत से अदा होता है



Ada Shayari in Hindi अदा पर शायरी

इक अदा मस्ताना सर से पाँव तक छाई हुई,

उफ़ तिरी काफ़िर जवानी जोश पर आई हुई !! – दाग़ देहलवी



मैं यूँ चढ़ रहा हूँ निगाहों में उसकी,

कि गोया कोई हक़ अदा हो रहा है !!



मेहंदी लगाए बैठे हैं कुछ इस अदा से वो,

मुट्ठी में उन की दे दे कोई दिल निकाल के !! -रियाज़ ख़ैराबादी



अब के अदा-ए-ख़ास से कर इम्तिहान-ए-दिल,

जो बर्क़ तूर पर न गिरी हो गिरा के देख !!



वो सुब्ह-ए-ईद का मंज़र तिरे तसव्वुर में,

वो दिल में आ के अदा तेरे मुस्कुराने की !!



तहरीर से वर्ना मेरी क्या हो नहीं सकता,

इक तू है जो लफ़्ज़ों में अदा हो नहीं सकता !!



बड़ी चीज़ है तुझे क्या पता तेरी इक अदा तेरी इक सदा,

जो तड़प रहे थे बहल गए जो गिरे थे गिरके सम्भल गए !!



तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई लेके हँस दो

आ जाएगा पलट कर गुज़रा हुआ ज़माना -शकीलबदायुनी



Ada Shayari in Hindi अदा पर शायरी



अदा-ए-ख़ास से ग़ालिब हुआ है नुक्ता-सारा,

सला-ए-आम है यारान-ए-नुक्ता-दाँ के लिए।



मैं इक फकीर के होंठों की मुस्कुराहट हूँ

किसी से भी मेरी कीमत अदा नहीं होती – मुनव्वर राना



मैं ज़ख़्म-ए-आरज़ू हूँ, सरापा हूँ आफ़ताब,

मेरी अदा–अदा में शुआयें हज़ार हैं



सीख ली जिसने अदा गम में मुस्कुराने की,

उसे क्या मिटायेंगी गर्दिशे जमाने की !!



बेजुबाँ जानवर भी हक़ अदा कर देते हैं नमक का,

एक नजाने इंसान ही क्यों इतना खुदगर्ज़ निकला।



तन्हा वो आएँ जाएँ ये है शान के ख़िलाफ़,

आना हया के साथ है, जाना अदा के साथ !!



Ada Shayari in Hindi अदा पर शायरी

तर्क-ए-वफ़ा के बाद ये उस की अदा ‘क़तील’,

मुझको सताए कोई तो उस का बुरा लगे !!



कुछ इस अदा से आज वह पहलूनशीं रहे

जब तक हमारे पास रहे, हम नहीं रहे !!



किसी की जान गयी

उनकी इक अदा ठहरी!!!



रूठना भी है हसीनों की अदा में शामिल

आप का काम मनाना है मनाते रहिये.!!



अब जी रहा हूँ ग़र्दिशे-दौराँ के सांथ-सांथ

ये नाग़वार फर्ज़ अदा कर रहा हूँ मैं.!!



Ada Shayari in Hindi अदा पर शायरी



मेरी आँखों में आँसू की तरह,एक बार आ जाओ

तक़ल्लुफ़ से बनावट से अदा से चोट लगती है.!!

वो बड़ा रहीमो-क़रीम है,मुझे ये सिफ़अत भी अदा करे

तुझे भूलने की दुआ करूँ,तो दुआ में मेरी असर न हो..



हुस्न दुनिया की हर इक शय में बहुत है लेकिन।।

कोई ऐसा नहीं जो तेरी अदा तक पहुँचे..!!

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