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politeness (विनम्रता) है जिन्दगी में जरुरी

विनम्रता ( politeness) हमारी जिन्दगी में हमारे स्वाभाव के लिए वो बेहतरीन तोहफा है जिसे अपनाकर हम सामने वाले के साथ साथ अपने मन भी एक सकारात्मक असर डालते है और विनम्रता ( politeness) के जरिये हम किसी का भी दिल जीत सकते है सो इसी से जुडी एक शिक्षाप्रद कहानी (Story) आपके सामने है –

Politeness hindi story

एक संत (saint) अपनी तीर्थ यात्रा पर थे और उन्होंने वृन्दावन जाने का सोचा लेकिन पहुँचने से पहले ही जब वो कुछ मील की दूरी पर थे तो रात हो गयी तो उन्होंने अपने मन में ये ख्याल किया कि चलो कोई बात नहीं पास में एक गाँव है तो वंहा पर मैं अपनी रात बिता सकता हूँ और सवेरे जल्दी उठकर फिर से अपनी यात्रा को शुरू करूँगा |

इस पर संत (saint) कुछ नहीं बोले और आगे बढ़ गये और आगे जाकर एक और व्यक्ति से उन्होंने रात बिताने के लिए विनती की तो उसने भी वही जवाब दिया जो पहले व्यक्ति ने दिया था और इस तरह संत (saint) जिसके भी घर गये और सबसे यही बात बोली तो सब लोगो ने एक ही जवाब दिया इस पर संत (saint) को खुद पर लज्जा महसूस हुई कि वो एक संत (saint) होकर इतनी छोटी सोच रखते है जबकि एक आम आदमी को गृहस्थ है वो अपने परिवार के जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी कितना उत्तम आचरण लिए हुए है कि खुद को सबसे छोटा बता रहा है और अपनी भूल समझकर वो एक आदमी के पास गये और उस से कहा माफ़ कीजिये अधम आप नहीं अधम तो मैं हूँ जो जिन्दगी का एक छोटा सा सार भी नहीं समझ सकता इसलिए मैं आपके घर रात बिताना चाहता हूँ मैं समझ गया हूँ कि आप सब लोग सच्चे विनम्र है और साथ ही सच्चे वैष्णव भी और मैं आपके घर का खाना और पानी ग्रहण करके खुद को पवित्र करना चाहूँगा |संत (saint) का एक नियम था कि वो केवल उसी घर का जल और अन्न ग्रहण करते थे जिनके घर में लोगो का आचार विहार और विचार पवित्र हो सो उन्होंने इस बारे में पूछताछ की तो उन्हें किसी ने बताया की ब्रज के पास ये जो सीमावर्ती गाँव है वंहा लोग सभी वैष्णव है और सब के सब कृष्ण के परम भक्त है | ऐसा कहने पर संत (saint) उस गाँव मे गये और एक व्यक्ति के घर का द्वार खटखटाया और उनसे कहा कि ” भाई मैं थोडा विश्राम करना चाहता हूँ तो क्या मैं आपके घर रात बिता सकता हूँ और मैं केवल उसी के घर का भोजन और पानी ग्रहण करता हूँ जिसके घर का आचार विचार शुद्ध हो | इस पर उस व्यक्ति ने कहा महाराज माफ़ कीजिये मैं तो निरा अधम हूँ लेकिन मेरे अलावा हर कोई जो इस गाँव में रहता है सभी लोग बहुत ही धार्मिक है और बहुत ही पवित्र विचारों वाले है लेकिन फिर भी अगर आप मेरे घर में कदम रखकर मेरे घर को पवित्र करते है तो मैं अपने घर को और अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली मानूंगा |
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