Weather (state,county)

जी रहे हो आशियां में आईने की तरह

जी रहे हो आशियां में आईने की तरह
इतने जुबां वालों के बीच बेजुबां की तरह

टूट जाओगे जमाने से दगा मत खाना
यहां मिलते हैं बेवफा भी बा-वफा की तरह

चुप रहते हो और खुद पे सितम ढ़ाते हो
फिर भी दिखते नहीं हो परेशां की तरह

तेरे दिल में बसा है उल्फत का सागर
मगर आंखें हैं तुम्हारी रेगिस्तां की तरह
Powered by Blogger.