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बच्चों को सिखायें सोशल मीडिया से जुड़ी अच्छी और बुरी बातें

भले ही सोशल नेटवर्किंग का क्रेज आजकल के बच्चों में अधिक दिखता हो और इंटरनेट के मामलों में वे काफी समझदार हो गये हों, लेकि‍न उनको ये नहीं भूलना चाहि‍ए कि‍ एक छोटी सी भूल उनके लिए नुकसानदेह हो सकती है। सिर्फ बच्चों ही नहीं मां-बाप को भी इस मामले में ख्याल रखना चाहिए। सोशल नेटवर्किंग में खतरे हैं तो क्या इसका यह मतलब नहीं है कि हमें इन साइट्स को ब्लॉक कर देना चाहिए या हमें इन साइट्स का प्रयोग ही नहीं करना चाहिए। इसका प्रयोग बच्‍चों को करने दें लेकिन इस मामले में उनको जानकारी भी दीजिए।

बताएं सोशल मीडिया का प्रयोग

सोशल मीडिया पर हमेशा अपनी पूरी जानकारी न दें। अपनी पर्सनल फोटो आदि को अपलोड न करें। अकसर नाबालिक बच्चे अपनी गलत जानकारी देकर इन अकाउंट्स को खोल लेते हैं। बच्‍चे फेक अकाउंट बना रहे हैं तो उनको रोंके। सोशल नेटवर्किंग साइट्स नए लोगों से मिलने और जूड़ने का माध्‍यम है, इसे जिंदगी का हिस्‍सा न बनायें। इन साइट्स का प्रयोग केवल आप नए लोगों से जुड़ने या अपनी नेटवर्किंग के दायरे को बढ़ाने के लिए करें।
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बच्‍चों को सावधान करें

सोशल नेटवर्किंग साइट एक प्रकार की लत की तरह हैं, इसका आदी होने के बाद आपका अधिक से अधिक वक्‍त इसमें ही बीतता है। यह एक नशे की तरह है जो आपको भावनात्‍मक रूप से परेशान कर सकता है। इसका आदी होने के बाद आप सोशल नेटवर्किंग साइट से दूरी बना ही नहीं सकते हैं। जीवन का सबसे महत्‍वपूर्ण काम यही होता है बाकी सब दूसरी प्राथमिकता हो जाती है।

बच्‍चों के साथ हो दोस्‍ती

सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी अपने बच्‍चों से हमेशा जुड़े रहिए, इससे आप उनकी हर वक्‍त की गतिविधि के बारे में जानकारी ले सकेंगे। इसके लिए अपने बच्‍चे के साथ दोस्‍ती कीजिए, उनकी फ्रेंडलिस्‍ट में खुद को शामिल कीजिए, और उनके हर वक्‍त के अपडेट से अवगत होते रहिए।
सोशल नेटवर्किंग साइट दोस्‍त की तरह हैं और इससे अकेलापन महसूस नहीं होता है, लेकिन बच्‍चों को इससे जुड़ी सभी बातों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
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