Weather (state,county)

गर तुम्हारी कमी नहीं होती

sad shayari

गर तुम्हारी कमी नहीं होती
बेवफ़ा ज़िन्दगी नहीं होती

हर कोई क्यों फ़रेब देता है
ज़िन्दगी क्यों मेरी नहीं होती

बेच देती ज़मीर गर अपना
घर में कुछ कमी नहीं होती

बेवफ़ा है वो जानती हूँ मैं
प्यार में कुछ कमी नहीं होती

दिल जलाकर भी 'शैल' देखा है
घर में अब रोशनी नहीं होती
Powered by Blogger.