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ऑनलाइन निपटाएं बैंक सहित इन 7 सेक्टर के काम, नहीं काटने होंगे चक्कर

फाइनेंशियल काम निपटाने के लिए ऑनलाइन प्रोसेस पहले से ज्यादा बेहतर और सुरक्षित हो गया है। अब आप बैंकिंग, इन्श्योरेंस, म्युचुअल फंड, इनकम टैक्स, पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े मसले इंटरनेट के जरिए ही पूरे कर सकते हैं। इससे आपका समय, पैसे और भागदौड़ तीनों बच जाते हैं। मनी भास्कर आपको बता रहा है कि इंटरनेट से आप किस सेक्टर्स के कौन से काम एक क्लिक में निपटा सकते हैं।

बैंकिंग से जुड़े ये सभी काम ऑनलाइन कर सकते हैं
बैंकिंग से जुड़े बेसिक कामः आप ऑनलाइन फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते हैं। अकाउंट स्टेटमेंट डाउनलोड कर सकते हैं और चेक बुक ऑर्डर कर सकते हैं। यह सुविधा सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक दे रहे हैं।
> कुछ बैंक, ऑनलाइन बैंक अकाउंट खोलने की सुविधा देते हैं। लेकिन नो योर कस्टमर (केवाईसी) की प्रक्रिया आपको ऑफलाइन ही पूरी करनी होगी।
> फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट और रेकरिंग डिपॉजिट ऑनलाइन खोल सकते हैं।
> लोन लेने के लिए बैंक नहीं जाना होगा। ऑनलाइन आवेदन कर लोन ले सकते हैं। एचडीएफसी बैंक, ऑनलाइन आवेदन पर 10 सेकेंड में पर्सनल लोन, 30 मिनट में ऑटो लोन देता है।
> अपना रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर आप ऑनलाइन चेंज कर सकते हैं।
> क्रेडिट कार्ड का आवेदन, बिजली और मोबाइल बिल जमा कर सकते हैं। इस पर आपको रिवार्ड प्वाइंट्स भी मिलते हैं। साथ ही कई ऑफर्स के जरिए कुछ पैसे भी बचा सकते हैं। 

इन्श्योरेंस
> टर्म प्लान, यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्‍लान, हेल्थ इन्श्‍योरेंस, मोटर इन्श्‍योरेंस और ट्रेवल इन्श्योरेंस की खरीददारी ऑनलाइन कर सकते हैं। ऑनलाइन खरीददारी करने से एजेंट कमीशन बचेगा और इन्श्योरेंस प्रीमियम में बचत होगी।
> इंश्‍योरेंस पॉलिसी का अपडेट ले सकते हैं। प्रीमियम जमा करना, इन्श्‍योरेंस क्लेम फाइल, क्लेम का स्टेट्स, पॉलिसी स्टेटमेंट, नॉमिनी का नाम, एड्रेस आदि ऑनलाइन देख सकते हैं।
> पॉलिसी लेने के पहले ऑनलाइन ही एक कंपनी से दूसरे कंपनी की पॉलिसी के प्रीमियम की तुलना कर सकते हैं।
> इन्श्योरेंस पॉलिसी को डिजिटल फॉर्मेट में रख सकते हैं। इससे पेपर खोने की टेंशन नहीं होगी।
> ऑनलाइन टर्म पॉलिसी खरीद कर आप ऑफलाइन पॉलिसी के मुकाबले 30 से 35 फीसदी, ऑटो इन्श्योरेंस पर 15 से 20 फीसदी और हेल्थ इन्श्योरेंस पर 5 से 10 फीसदी की बचत कर सकते हैं।

इनकम टैक्‍स
> आप आईटी रिटर्न भर सकते हैं।
> टैक्‍स का भुगतान या एडवांस टैक्‍स ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
> टीडीएस की जानकारी ऑनलाइन ले सकते हैं। साथ ही इसे क्लेम कर सकते हैं।
> ऑनलाइन टैक्‍स कैलकुलेटर की मदद से इनकम पर टैक्‍स की कैलकुलेशन कर सकते हैं। 

पेंशन और रिटायरमेंट
> यूएएन नंबर जेनरेट कर सकते हैं। इससे बार-बार नौकरी बदलने पर पीएफ खाता बदलने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही किसी भी कंपनी का फंड एक ही पीएफ खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं।
> पीएफ अकाउंट में जमा पैसा देख सकते हैं। जब आप इस प्रोसेस में जाएंगे, तो आपको एसएमएस से ही सूचना भी मिल जाएगी।
> नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) खाता ऑनलाइन खोल सकते हैं।
> एनपीएस अकाउंट में ऑनलाइन फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।
> परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (पीआरएएन) के जरिए एनपीएस अकाउंट को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

प्रॉपर्टी
> आप रेजिडेंशियल, कमर्शियल, ऑफिस स्‍पेस ऑनलाइन ढूंढ सकते हैं।
> प्रॉपर्टी की कीमत, रेंट, साइज और उसका लुक आदि पता कर सकते हैं।
> रेंट पर प्रॉपर्टी सर्च कर सकते हैं।
> प्रोजेक्‍ट रिव्यू, डेवलपर्स और ब्रोकर के विषय में जानकारी ऑनलाइन जुटा सकते हैं।
> विभिन्‍न राज्‍य सरकार की हाउसिंग स्कीम्स के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
> प्रॉपर्टी का रजिस्‍ट्रेशन ऑनलाइन करा सकते हैं।

इक्विटी मार्केट
> डीमैट अकाउंट होने पर आप शेयर की खरीददारी और बिक्री ऑनलाइन कर सकते हैं।
> आप अपने स्मार्टफोन के जरिए भी ट्रेडिंग कर सकते हैं।
> मार्केट और पोर्टफोलियो को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
> कंपनियों के बारे में रिसर्च रिपोर्ट, परफॉर्मेंस आदि की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं।
> ईमेल, फोन नंबर आदि बदल सकते हैं।
> ट्रांजैक्शन का रिकार्ड आसानी से रख सकते हैं।
> ट्रांजैक्शन ऑनलाइन होने से आपको रियल टाइम पता होता है कि आप किस कीमत पर शेयर की खरीद या बिक्री कर रहे हैं।
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