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Bahane par Shayari in Hindi Mix Collection बहाने पर शायरी संग्रह


बहाना कोई तो ए जिन्दगी दे

कि जीने के लिए मजबूर हो जाऊं।



तेरी मानूस निगाहों का ये मोहतात पयाम

दिल के ख़ूं का एक और बहाना ही न हो

~साहिर



चुरा के मुट्ठी में दिल को छुपाए बैठे हैं,

बहाना ये है कि मेहंदी लगाए बैठे हैं !! -क़ैसर देहलवी



अहल-ए-हिम्मत ने हर दौर मैं कोह काटे हैं तकदीर के,

हर तरफ रास्ते बंद हैं, ये बहाना बदल दीजिये !! -मंजर भोपाली



हँसी तो बस बहाना है तुम्हे गुमराह करने का

वगरना तुम मेरी आँखों के सब आज़ार पढ़ लोगे

जीना है तुझे पीने के लिए, ए दोस्त किसी उनवान से पी,

जीने का बहाना एक सही, पीने के बहाने और भी हैं !!





Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी

उसने आब-ओ-हवा का बहाना बना दिया,

बीमार-ए-यार का दिल कुछ और दुःखा दिया।



हम को पहले भी न मिलने की शिकायत कब थी

अब जो है तर्क-ए-मरासिम का बहाना हम से



हम बने थे तबाह होने को,

आपका इश्क़ तो बहाना था !!



चुपके-चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है

हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है !!



ये बहाना तेरे दीदार की ख़्वाहिश का है,

हम जो आते हैं इधर रोज़ टहलने के लिए !!



रास्ते के जिस दिये को समझते थे हम हक़ीर,

वो दिया घर तक पहुँचने का बहाना बन गया।

~Faraz



भूल तो जाऊँ उसे मगर,

फिर ज़िन्दगी का कोई बहाना ना रहेगा।



हर रात वही बहाना है मेरे दिल का,

मैं सोता हूँ तो तेरा ख़्वाब आ जाता है।



Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी

दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढ़े,

पत्थर की तरह बेहिस-ओ-बेजान सा क्यूँ है !!



तन्हाई की ये कौन सी मंज़िल है रफ़ीक़ो

ता हद्द-ए-नज़र एक बयाबान सा क्यूँ है



बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे खफा होने का,

तुम्हें चाहने के अलावा कोई गुनाह नहीं है मेरा..



कभी तफसीली गुफ्तगू करने का बहाना कर लो

मुझको बुला लो या मेरे पास आना जाना कर लो



उस शख़्श से रिश्ता कोई पुराना लगता है

मिलना यकायक यूँ तो इक बहाना लगता है



मुद्दत से तमन्ना हुई अफसाना न मिला

हम खोजते रहे मगर ठिकाना न मिला

लो आज फिर चली गई जिंदगी नजरो के सामने से

और उसे कोई रुकने का बहाना न मिला



Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी

या कोई दर्द या ख़ुशियों का ख़ज़ाना ढूँढो

दिल के बहलाने को कोई तो बहाना ढूँढो



काश तुम भी हो जाओ तुम्हारी यादों की तरह..

ना वक़्त देखो, ना बहाना, बस चले आओ



करुं ना याद मग़र,, क़िस तरह भुलाऊँ उसे

ग़ज़ल बहाना करुं औऱ गुनगुनाऊँ उसे!!



ख्याल, ख्वाब,ख्वाहिशे है तुझसे सब

हर वक्त तुझे याद करने का बहाना सब



मेरी ज़िंदगी तो गुज़री तेरे हिज़्र के सहारे,

मेरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना…



हर शाम कोई बहाना ढूँढती हूँ…

जिंदगी तेरा ठिकाना ढूँढती हूँ…!



मैं और कोई बहाना तलाश कर लूँगा तू

अपने सर न ले इल्ज़ाम दिल दुखाने का ~शाज़_तमकनत



Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी

हम बने ही थे तबाह होने के लिए……

तेरा मिलना तो एक बहाना था…!!

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;

मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;

मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;

मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।



मुझको ढूंढ लेती है रोज किसी बहानें से,

दर्द भी वाकिफ हो गया है मेरे हर ठिकानें से…



मेरी जिंदगी में खुशियाँ तेरे बहानें से है,

आधी तुझे सताने में आधी तुझे मनाने में ।



ये प्यार,मोहब्बत,इश्क की बातें, हैं ये सारी बेक़ार की बातें,

किस्से हैं, अफ़सानें है, ज़ह्मत औ तबाही के बहानें हैं।



Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी

कभी चिरागों कें बहानें मिल जाया करती थी हसरतों को मंजिलें

आज रौंशनी हैं गजब मगर साया ही नजर नही आता कोई



हर-वक्त ज़िंदा मुझमें तू है किसी बहानें ये समझानें को आ

कुछ और करीब आनें को आ मेरे सीनें में अब समानें को आ



नाकाम हसरत-ओ-फ़साना तमाम लिखे जा रहा हूँ,

चलो इसी बहानें, दोस्तों का दिल तो बहला रहा हूँ।

बहाना कोई तो ए जिन्दगी दे
कि जीने के लिए मजबूर हो जाऊं।

तेरी मानूस निगाहों का ये मोहतात पयाम
दिल के ख़ूं का एक और बहाना ही न हो
~साहिर

चुरा के मुट्ठी में दिल को छुपाए बैठे हैं,
बहाना ये है कि मेहंदी लगाए बैठे हैं !! -क़ैसर देहलवी

अहल-ए-हिम्मत ने हर दौर मैं कोह काटे हैं तकदीर के,
हर तरफ रास्ते बंद हैं, ये बहाना बदल दीजिये !! -मंजर भोपाली

हँसी तो बस बहाना है तुम्हे गुमराह करने का
वगरना तुम मेरी आँखों के सब आज़ार पढ़ लोगे
जीना है तुझे पीने के लिए, ए दोस्त किसी उनवान से पी,
जीने का बहाना एक सही, पीने के बहाने और भी हैं !!


Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी
उसने आब-ओ-हवा का बहाना बना दिया,
बीमार-ए-यार का दिल कुछ और दुःखा दिया।

हम को पहले भी न मिलने की शिकायत कब थी
अब जो है तर्क-ए-मरासिम का बहाना हम से

हम बने थे तबाह होने को,
आपका इश्क़ तो बहाना था !!

चुपके-चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है !!

ये बहाना तेरे दीदार की ख़्वाहिश का है,
हम जो आते हैं इधर रोज़ टहलने के लिए !!

रास्ते के जिस दिये को समझते थे हम हक़ीर,
वो दिया घर तक पहुँचने का बहाना बन गया।
~Faraz

भूल तो जाऊँ उसे मगर,
फिर ज़िन्दगी का कोई बहाना ना रहेगा।

हर रात वही बहाना है मेरे दिल का,
मैं सोता हूँ तो तेरा ख़्वाब आ जाता है।

Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी
दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढ़े,
पत्थर की तरह बेहिस-ओ-बेजान सा क्यूँ है !!

तन्हाई की ये कौन सी मंज़िल है रफ़ीक़ो
ता हद्द-ए-नज़र एक बयाबान सा क्यूँ है

बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे खफा होने का,
तुम्हें चाहने के अलावा कोई गुनाह नहीं है मेरा..

कभी तफसीली गुफ्तगू करने का बहाना कर लो
मुझको बुला लो या मेरे पास आना जाना कर लो

उस शख़्श से रिश्ता कोई पुराना लगता है
मिलना यकायक यूँ तो इक बहाना लगता है

मुद्दत से तमन्ना हुई अफसाना न मिला
हम खोजते रहे मगर ठिकाना न मिला
लो आज फिर चली गई जिंदगी नजरो के सामने से
और उसे कोई रुकने का बहाना न मिला

Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी
या कोई दर्द या ख़ुशियों का ख़ज़ाना ढूँढो
दिल के बहलाने को कोई तो बहाना ढूँढो

काश तुम भी हो जाओ तुम्हारी यादों की तरह..
ना वक़्त देखो, ना बहाना, बस चले आओ

करुं ना याद मग़र,, क़िस तरह भुलाऊँ उसे
ग़ज़ल बहाना करुं औऱ गुनगुनाऊँ उसे!!

ख्याल, ख्वाब,ख्वाहिशे है तुझसे सब
हर वक्त तुझे याद करने का बहाना सब

मेरी ज़िंदगी तो गुज़री तेरे हिज़्र के सहारे,
मेरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना

हर शाम कोई बहाना ढूँढती हूँ…
जिंदगी तेरा ठिकाना ढूँढती हूँ…!

मैं और कोई बहाना तलाश कर लूँगा तू
अपने सर न ले इल्ज़ाम दिल दुखाने का ~शाज़_तमकनत

Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी
हम बने ही थे तबाह होने के लिए……
तेरा मिलना तो एक बहाना था…!!
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।

मुझको ढूंढ लेती है रोज किसी बहानें से,
दर्द भी वाकिफ हो गया है मेरे हर ठिकानें से…

मेरी जिंदगी में खुशियाँ तेरे बहानें से है,
आधी तुझे सताने में आधी तुझे मनाने में ।

ये प्यार,मोहब्बत,इश्क की बातें, हैं ये सारी बेक़ार की बातें,
किस्से हैं, अफ़सानें है, ज़ह्मत औ तबाही के बहानें हैं।

Bahane par Shayari in Hindi बहाने पर शायरी
कभी चिरागों कें बहानें मिल जाया करती थी हसरतों को मंजिलें
आज रौंशनी हैं गजब मगर साया ही नजर नही आता कोई

हर-वक्त ज़िंदा मुझमें तू है किसी बहानें ये समझानें को आ
कुछ और करीब आनें को आ मेरे सीनें में अब समानें को आ

नाकाम हसरत-ओ-फ़साना तमाम लिखे जा रहा हूँ,
चलो इसी बहानें, दोस्तों का दिल तो बहला रहा हूँ।
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