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Betaabi Shayari mix collection बेताबी पर शायरी संग्रह

शायद कि इधर आके कोई लौट गया है;
बेताबी से यूं मुंह को कलेजा नहीं आता।
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इश्क़ में बेताबी कि इंतिहा हुई दिल बेचैन हो रहा है पल – पल
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बेताबी क्या होती है , पूछो मेरे दिल से तन्हा तन्हा लौटा हु , मै तो भरी महफिल से
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ठहरने भी नहीं देती है उस महफिल में बेताबी.. मगर तस्कीन भी जाकर उसी महफिल में होती है !!
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ऐ शबेगोर,वो बेताबी-ए-शब हाय फ़िराक़
आज अराम से सोना मेरी तक़दीर में न  था
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ऐसी तो बेअसर नहीं बेताबी-ए-फ़िराक़,
फरियाद करूँ मैं और किसी को ख़बर न हो !!
*** Betaabi Hindi Shayari
हाल ऐ दिल ये है की ,, ~~~~~~ अजीब सी बेताबी है ….
जी भी रहे हैं जिया भी नहीं जता
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इतनी हसरत से ना देखा करो तुम! और बेताबी ना पैदा करो तुम! नींद कुछ ज्यादा खफा रहती है; ऐसे ख्वाबों में ना आया करो
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हम खिलौना कया बने हर किसी को
हमारे दिल से खेलने को बेताबी हो गई !
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तुझ से मिलने की बेताबी है बहोत न मिले तु तो परेशानी है बहोत
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दिल की बेताबी नहीं ठहरने देती है
मुझे दिन कही रात कहीं सुबह कहीं शाम कहीं..
*** Betaabi Hindi Shayari
दिल की बेताबी दिखा सकते नही
राज दिल का छुपा सकते नही
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ये रात ये दिल की धड़कन, ये बढ़ती हुई बेताबी
एक जाम के खातिर जैसे, बेचैन हो कोई शराबी
*** Betaabi Hindi Shayari
नाहक है हवस के बंदों को नज़्ज़ारा-ए-फ़ितरत का दावा।। आँखों में नहीं है बेताबी दीदार की बातें करते हैं।।
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ऐसे ही मै भी तड़प उठा था तेरी पलको को किसी ग़ैर की पलकों के करीब देख के मेरी बेताबी मेरी बेचैनी को तुमने तब क्युं नही समझा फिर इल्जाम क्यु
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अपनी बेताबी का मैं कैसे तुझसे इज़हार करुँ कैसे बतलाओ तुझे जान-ए-जाना कितना मैं प्यार करुँ
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हाल खुल जायेगा बेताबी ए दिल का ‘हसरत’! बार बार आप उन्हें शौक़ से देखा न करें।
*** Betaabi Hindi Shayari
बेताबी ओ सुकूँ की हुईं मंज़िलें तमाम.. बहलाएँ तुझ से छुट के तबीअत कहाँ कहाँ
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देख ले बुलबुल-ओ-परवाना की बेताबी को हिज्र अच्छा न हसीनो का विसाल अच्छा है
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लौटकर हम तुम चलो
चलते हैं कुछ पल वापस
उस वक्त में
जब थे थोड़े फासले थोड़ी हया
जब थी बेताबी नजर में
तेरे मेरे दरम्याँ
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तसव्वुर„ आरज़ू„ यादें„ तमन्ना„ शौक-ए-बेताबी… ये सब चीज़े तुम्हारी हैं„ तुम आकर छीन लो मुझसे…!!!
**** Betaabi Hindi Shayari
तुझको पाकर भी कम हो न सकी बेताबी-ए-दिल इतना आसान तेरे इश्क का ग़म था ही नहीं !
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बेताबी का खामोशी का, इक अंजाना सा नग्मा है महसूस इसे करके देखो, हर सांस यहां एक सदमा है।
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एक उम्र होती है किसी की कुछ बेहद मामूली बातें कहीं गहरे उतर जाती है
उसके लिये बेताबी हुई होगी उसकी हर बात में इक बात नजर आई होगी
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सुबह का इंतेज़ार रात भर….. सारा दिन शाम होने की बेताबी….. ना चैन इसमे, ना सकूँ उसमें….. बस इतनी सी मेरी कहानी.
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रात की चांदनी में बेरंग हर बात थी मुझे मोहब्बत की ख्वाहिश थी और उन्हें दूर जाने की बेताबी थी।
*** Betaabi Hindi Shayari
उफ़ ये इनकी बेताबी तक रही है राहों को दिल से भी ज़यादा है इंतज़ार आँखों में
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मेरे दिल की बेताबी हद से बढ जाती है….
जब वो भर कर मुझे बाहों में अपनी सांसों की तेजी सुनाती है.
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दिल की बेताबी बयाँ होने लगी क्या छुपाया है लबे-ख़ामोश में।
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चढ़ रहे थे दिन ढल रही थी रात बेताबी फिर बढ़ने लगी जब सताने लगी तेरी याद
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जवाब की बेताबी, इंतज़ार को इन्तहा बना देती है ,
कहने को तो एक लफ्ज़ है पर उम्र उम्मीद में गुजर जाती है ।।
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बेताबी अभी हद से गुज़री नही शायद.. एक कसक सी हैं जो सोने नही देती
*** Betaabi Hindi Shayari
आज ये केसी बेरुखी सी छायी हे हमारे दरमिया अल्फ़ाज़ भी नहीं मिल रहे ये बेताबी बयां करने को।
*** Betaabi Hindi Shayari

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