Weather (state,county)

TanhaiShayari mix collection तन्हाई पर शायरी संग्रह

ए मेरे दिल , कभी तीसरे की उम्मीद भी ना किया कर ,
सिर्फ तुम और मैं ही हैं इस दश्त-ए-तन्हाई में …
***
“थकन, टूटन, उदासी, ऊब, तन्हाई, अधूरापन ,
तुम्हारी याद के संग इतना लम्बा कारवाँ क्यूँ है ..?”
***
किस से कहु, अपनी तन्हाई का आलम.
लोग चहरें के हसी देख, बहुत खुश समझते हैं.
***
खौफ अब खत्म हुआ सबसे जुदा होने का..
अपनी तन्हाई में हम अब मसरूफ  बहुत रहते हैं..
***
कोसते रहते हैं अपनी जिंदगी को उम्रभर
भीड़ में हंसते हैं मगर तन्हाई में रोया करते हैं
***
इश्क के नशे मे डूबे तो जाना हमने फ़राज़……\ के दर्द मे तन्हाई नही होती तन्हाई मे दर्द होता हैं…\\
***
कांटो सी चुभती है तन्हाई अंगारों सी सुलगती है तन्हाई कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे मैं रोती हूँ तो रोने लगती है तन्हाई..
***
ऐ सनम तू साथ है मेरे मेरी हर तन्हाई में
कोई गम नहीं की तुमने वफ़ा नहीं की
इतना ही बहुत है की तू शामिल है मेरी तबाही में।
*** Tanhai Hindi Shayari Sad Shayari
तन्हाई की आग में कहीं जल ही न जाऊँ,
के अब तो कोई मेरे आशियाने को बचाले।
***
“इन उदास कमरों के.. कोनों की गीली तन्हाई.. …
वक़्त की धूप के साथ सूख ही जायेगी…!!
***
जब भी तन्हाई में उनके बगैर जीने की बात आयी
उनसे हुई हर एक मुलाकात मेरी यादों में दौड आई
***
कहने को साथ अपने इक दुनिया चलती है…
पर छुपके इस दिल में तन्हाई पलती है…!!
***
मोहब्बत के रास्ते कितने भी मखमली क्यो ना हो…
खत्म तन्हाई के खंड़हरो मेँ ही होते है।
***
कुछ लोग जमाने में ऐसे भी तो होते हैं..
महफिल में तो हंसते हैं तन्हाई में रोते हैं.
***
हमारे चले जाने के बाद„ ये समुंदर भी पूछेगा तुमसे…
कहा चला गया वो शख्स„
जो तन्हाई मे आ कर„ बस तुम्हारा ही नाम लिखा करता था…!!!
*** Tanhai Hindi Shayari Sad Shayari
रिश्ते तो नहीं रिश्तों की परछाई मिली…
ये कैसी भीङ है बस यहाँ तन्हाई मिली….
***
बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे,
जहां चाहा रो लेते थे पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए
और आंसुओं को तन्हाई
***
ख्वाब ख्याल, मोहब्बत, हक़ीक़त, गम और तन्हाई,
ज़रा सी उम्र मेरी किस-किस के साथ गुज़र गयी !!!
***
हर वक़्त का हँसना तुझे बर्बाद न कर दे, तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी लिया कर; ए दिल! तुझे दुश्मनों की पहचान कहाँ,.
***
करोगे याद एक दिन प्यार के ज़माने को
चले जाएँगे जब हम ना वापिस आने को
चलेगा जब महफ़िल मे ज़िक्र हमारा
तो तुम भी तन्हाई ढूँढोगे आँसू बहाने को
*** Tanhai Hindi Shayari Sad Shayari
कभी मुस्कुराया करते थे हम भी दिल खोल के … आज-कल तो तन्हाई हम पे गुजर -बसर कर रही हैं
***
उनके जाने के बाद,तन्हाई का सहारा मिला है
इसकी आगोश में आये, फिर निकलना नही आया
***
आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये .. तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोय
***
हम थोड़ी सी जगह मांगी थी उनके दिल में “मुसाफिर” की तरह, उन्होंने तो तन्हाई का एक पूरा शहर मेरे नाम कर दिया
***
अपनी तन्हाई से खूब जमती है…. यही लेती है मेरी खबर अक्सर…!
***
कितनी अजीब है मेरे अन्दर की तन्हाई भी
हजारो अपने है मगर याद सिर्फ वो ही आती है
***
अजनबी शहर के अजनबी रास्ते.. मेरी तन्हाई पर मुस्कुराते रहे … मैं बहुत दूर तक यूँ ही चलती रही … तुम बहुत देर तक याद आते रहे….
***
तेरी खुशबू का पता करती है… मुझपे एहसान हवा कपती है  शब ए तन्हाई मे अक्सर… गुफ्तगू तुझसे रहा करती है
***
तन्हाई मैं मुस्कुराना भी इश्क़ है इस बात को सब से छुपाना भी इश्क़ है यूँ तो रातों को नींद नही आती पर रातों को सो कर भी जाग जाना इश्क़ है
***
जिससे दुर हो जाए मेरे ग़म ! मौन रह कर भी तेरे दिल की गहराई तक फैली उस तन्हाई से बात कर सकूं !
*** Tanhai Hindi Shayari Sad Shayari
मैं, जो उजालों का ताजिंदगी, बेइंतिहा मुरीद रहा हूँ, आज तन्हाई की कीमत पे, खुद,अँधेरे खरीद रहा हूँ !
***
तेरे ख्याल में डूब के अक्सर अच्छी लगी तन्हाई !!
***
वो उँगलियों पे गिनते हैं ज़ुल्म जिनका कुछ हिसाब नही
तुम नहीं, गम नहीं, शराब नहीं ऐसी तन्हाई का जवाब नही
***
फिर कहीं दूर से एक बार सदा दे मुझको, मेरी तन्हाई का एहसास दिला मुझको..
***
एहतियातन देखता चल अपने साये की तरफ, इस तरह शायद तुझे एहसास ए तन्हाई न हो..
*** Tanhai Hindi Shayari
देख रात कहती हैं, आजकल मोहब्बत बिकती हैं
… . . . जो खरीद नहीं पाता, उसको बस तन्हाई मिलती हैं…
***
तन्हाई का दौर था हर घड़ी सुनापन था__ एक तुम आयी और तन्हाई को दूर करके एक अनजाना एहसास दे गयी__ और फिर ज़िन्दगी आसान हो गयी__
***
तेरा ख्याल, बिछड़ने का ग़म, कि तन्हाई कोई तो है जो मुझे उस तरफ बुलाता है …
***
तन्हाई इस कदर रास आ गयी है…… अब मुझे कि, अपना साया भी साथ हो तो….साहिब भीड़ सी लगती है….
***
आप हों, हम हों, मय-ए-नाब हो, तन्हाई हो दिल में रह रह के ये अरमान चले आते हैं
***
जब मुलाकात ना थी तब तो कोई बात ना थी , अब ये तन्हाई के दिन कैसे गुजारे जाएं …. !!
***
तन्हाई थी मगर दूर तक,..ख़ामोशियों का शोर था उसे पुकारता कैसे जो मेरा, होके भी कहीं ओर था
***
आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोय
***
मेरी तन्हाई मार डालेगी दे दे कर तानें मुझको , एक बार आ जाओ इसे तुम खामोश कर दो…
***
कुछ देर बैठी रही पास, और फिर उठ कर चली गई
गुरुर तो देखो तन्हाई का ये भी बेवफ़ा हो कर चली गई
*** Tanhai Hindi Shayari Sad Shayari
अब आ भी जाओ … कि आता है वफा पर इल्जाम चाँदनी रात की डसती हुई तन्हाई है … !!
***
Powered by Blogger.