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Mix Shayri collection 48 / एक से बढ़ कर एक चुनिन्दा मिक्स शायरी संग्रह 48

क्या नाम दूँ मैं अपनी मोहब्बत को..
कि ये तेरा सिवा किसी और से होती ही नहीं..!! ‪

कौन कहता है संवरने से बढ़ती है खूबसूरती…
दिलों में चाहत हो तो चेहरे यूँ ही निखर आते है..!!

जिसको तलब हो हमारी, वो लगाये बोली,
सौदा बुरा नहीं… बस “हालात” बुरे है..!!

मैं भी खरीददार हूं मैं भी खरीदूंगा..
प्यार कहां बिकता है पता बताना यारों..!!

उन लोगों की उम्मीदों को कभी टूटने ना दे..!!
जिनकी आखरी उम्मीद सिर्फ आप ही है..!!

निकाल दिया उसने हमें अपनी ज़िन्दगी से भीगे कागज़ की तरह,
ना लिखने के काबिल छोड़ा, ना जलने के..!!

तेरी ज़िन्दगी में ना सही…
पर तारीख में तो आज भी 13 ही हूँ..!!

जरूरी नहीं की हर बात पर तुम मेरा कहा मानों,
दहलीज पर रख दी है चाहत, आगे तुम जानो..!!

तुम दूर..बहुत दूर हो मुझसे.. ये तो जानता हूँ मैं…
पर तुमसे करीब मेरे कोई नही है.. बस ये बात तुम याद रखना…

तुझे पाना.. तुझे खोना.. तेरी ही याद मेँ रोना
ये अगर इश्क है.. तो हम तनहा ही अच्छेँ हैँ.!!

कभी किसी के जज्बातों का मजाक ना बनाना.
ना जाने कौन सा दर्द लेकर कोई जी रहा होगा..

कुछ तो है जो बदल गया जिन्दगी में मेरी
अब आइने में चेहरा मेरा हँसता हुआ नज़र नहीं आता…

उमर बीत गई पर एक जरा सी बात समझ में नहीं आई
हो जाए जिनसे महोब्बत, वो लोग कदर क्यूं नहीं करते

यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से,
मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है…

अपने हर लफ्ज़ में कहर रखते हैं हम,
रहें खामोश फिर भी असर रखते हैं हम..

बडी अजीब मुलाकातें होती थी हमारी,
वो किसी मतलब से मिलते थे और हमे तो सिर्फ मिलने से मतलब था…

अब ये न पूछना की . . ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपना हाल सुनाता हूँ

तूफान भी आना जरुरी है जिंदगी में तब जा कर पता चलता है की
कौन हाथ छुड़ा कर भागता है और कौन हाथ पकड़ कर

तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो.!
मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है.!!

Humari ‪shayari‬ padh kar bas itna sa bole wo,
‪kalam‬ cheen lo inse.. ye ‪lafz‬ ‪dil‬ cheer dete hai.

तुम आए थे, पता लगा, सुन कर अच्छा भी लगा,
पर गैरों से पता चला, बेहद बुरा लगा !!

Aaj Koi ‪#‎Shayari‬ Nhi Bas Itna Sun Lo,
Main ‪‎Tanha‬ hun Aur ‪Wajah‬ Tum Ho

Jee Chahe Ki Duniya Ki Har Ek ‪#‎Fikra‬ Bhula Kar..!!
Kuchh ‪shayari‬ Sunau Me Tujhe Pass Bitha Kar..!!

Ab woh armaan hain, na woh sapnay..
Sab qabootar urra gaya koi!

औक़ात नही थी जमाने में जो मेरी कीमत लगा सके,
कबख़्त इश्क में क्या गिरे, मुफ़्त में नीलाम हो गए..

अकसर भुल जाती हूँ मैं तुम्हें शाम की चाय में चीनी की तरह,
फिर जिंदगी का फीकापन तुम्हारी कमी का एहसास दिला देता है !!

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना,
जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी

तेरी जरूरत, तेरा इंतजार और ये तन्हा आलम,
थक कर मुस्कुरा देती हूँ, मैं जब रो नहीं पाती !!

सीने में धङकता जो हिस्सा है,
उसी का तो ये सारा किस्सा है !

तेरे एहसासों में जो सुकून है..
वो नींद में कहाँ ..

अजीब किस्सा है जिन्दगी का,
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं..

ये जो हालात हैं एक रोज सुधर जायेंगे..
पर कई लोग मेरे दिल से उतर जायेंगे..

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग..
‪‎पर‬ किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे..

मिठास रिश्तों कि बढाए तो कोई बात बने..
मिठाईयाँ तो हर साल मीठी ही बनती है..

अपनी जिंदगी अजीब रंग में गुजरी है..
राज किया दिलों पे और तरसे मोहब्बत को..

बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी,
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी !

वहम से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं कुछ रिश्ते..
कसूर हर बार गल्तियों का नही होता..

किसकी खातिर अब तु धड़कता है ऐ दिल..
अब तो कर आराम, कहानी खत्म हुई !

सुना था.. मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले |
हमारी बारी आई तो, रिवाज हि बदल गया ||

सुनो! या तो मिल जाओ, या बिछड जाओ,
यू सासो मे रह कर बेबस ना करो|

तुझ से रूठने का हक है मुझ को..
पर मुझ से तुम रूठो यह अच्छा नहीं लगता|

हजारों चेहरों में एक तुम ही पर मर मिटे थे..
वरना.. ना चाहतों की कमी थी और ना चाहने वालों की..!

एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों,
जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…!!

तुझको लेकर मेरा ‪ख्याल‬ नहीं ‪बदलेगा‬..
‪साल‬ बदलेगा, मगर ‪दिल‬ का ‪हाल‬ नहीं बदलेगा|

अगर लोग यूँ ही कमिया निकालते रहे तो,
एक दिन सिर्फ खुबिया ही रह जायेगी मुझमे !

उसने चुपके से मेरी आँखों पर हाथ रखकर पूछा…बताओ कौन ???
मैं मुस्कराकर धीरे से बोला… “मेरी जिन्दगी”

मै नासमझ ही सहीं मगर वो तारा हूं..
जो तेरी एक ख्वाहिश के लिये..सौ बार टूट जाऊं|

मैं ख़ामोशी तेरे मन की, तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा..
मैं एक उलझा लम्हा, तू रूठा हुआ हालात मेरा |

जागना भी कबूल हैं तेरी यादों में रात भर,
तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ |

एक सिगरेट सी मिली तू मुझे..
ए आशिकी कश एक पल का लगाया था लत उम्र भर की लग गयी।

जी करता है चला जाऊं, हसीनों की महफिल में..
पर क्या करूं ये मेरे दोस्तो, उतना दम ही नहीं है दिल में।।

एक तु मिल जाती तो किसी का कया चला जाता..
तुझे उमर भर के लिए खुशीयाँ ही खुशीयाँ और मुझको मेरा खुदा मिल जाता।

बहुत थे मेरे भी इस दुनिया मेँ अपने,
फिर हुआ इश्क और हम लावारिस हो गए..!

मुझ पर सितम करो तो तरस मत खाना..
क्योकि खता मेरी हैं मोहब्बत मैंने किया हैं।

वो तो अपनी एक आदत को भी ना बदल सका..
जाने क्यूँ मैंने उसके लिए अपनी जिंदगी बदल डाली

बेवफा कहने से पहले मेरी रग रग का खून निचोड़ लेना..
कतरे कतरे से वफ़ा ना मिले तो बेशक मुझे छोड़ देना।

दो ‪‎लव्ज‬ क्या लिखे तेरी ‪याद‬ मे..
लोग कहने लगे तु आशिक‬ बहुत पुराना है।

सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से..
या तो दोनों आते हैं, या कोई नहीं आता..

कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग,
दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।

तेरा नजरिया मेरे नजरिये से अलग था…
शायद तूने वक्त गुजारना था और हमे सारी जिन्दगी..

वाह रे इश्क़ तेरी मासूमियत का जवाव नहीं.।।
हँसा हँसा कर करता है बर्बाद तू मासूम लोगो को.।।

Mera majhab to, ye do hatheliya batati hai
jude to pooja… khule to dua kehlati hai

ना मैं शायर हूँ ना मेरा शायरी से कोई वास्ता,
बस शौक बन गया है, तेरी यादो को बयान करना

फरिश्ते आकर उनके जिस्म पर खुशबू लगाते थे !
वो बच्चे रेल के डिब्बों में अब झाडू लगाते हैं !!

जिन्हें पता है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग
दूसरों के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं..!!

तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है,
पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है..!!

रूठा अगर तुझसे तो इस अंदाज से रूठूंगा ,
तेरे शहर की मिट्टी भी मेरे बजूद को तरसेगी

हम लाए हैं तूफान से किश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के

जिम्मेदारियां बांध देती हैं अपना शहर न छोड़नेको..
वरना कौन तरक्की की सीढीयां चढ़ना नहीं चाहता..

मेरे साथ बैठ कर वक़्त भी रोया
एक दिन बोला बन्दा तू ठीक है मैं ही ख़राब चल रहा हूँ .

उम्र बीत गयी पर एक जरा सी बात समझ नही आई..!!
हो जाये जिन से मोहब्बत वो लोग कदर क्यों नही करते..!!

उम्र बीत गयी पर एक जरा सी बात समझ नही आई..!!
हो जाये जिन से मोहब्बत वो लोग कदर क्यों नही करते..!

मुझे तो आज पता चला कि मैं किस क़दर तनहा हूँ
पीछे जब भी मुड़ कर देखूं तो मेरा साया भी मुँह फेर लेता है…!

जब जिन्दा थे तो बेबुनियाद आरोप लगाती रही,
जब कब्र में सोये तो ‘शख्स बडा लाजबाब था’

आज मैंने दिल को थोड़ा साफ़ किया,
कुछ को भूला दिया, कुछ को माफ़ किया!!

मुझे हराकर कोई मेरी जान भी ले जाए मुझे मंजुर है..!! .
लेकिन धोखा देने वालों को मै दुबारा मौका नही देता..!

इश्क की चोट का कुछ दिल पे असर हो तो सही,
दर्द कम हो कि ज्यादा हो, मगर हो तो सही…।

मोहब्बत की आजतक बस दो ही बातें अधूरी रही,
इक मै तुझे बता नही पाया, और दूसरी तूम समझ नही पाये..

बड़े अजीब से हो गए रिश्ते आजकल..
सब फुरसत में हैं पर वक़्त किसी के पास नही.

रोने की वजह न थी हसने का बहाना न था
क्यो हो गए हम इतने बडे इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था!

किसी ने कहा था महोब्बत फूल जैसी है!!
कदम रुक गये आज जब फूलों को बाजार में बिकते देखा!

जो दिल को अच्छा लगता है उसी को दोस्त कहता हूँ,
मुनाफ़ा देखकर रिश्तों की सियासत नहीं करता ।।।

ना कर तू इतनी कोशिशे, मेरे दर्द को समझने की….
तू पहले इश्क़ कर, फिर चोट खा, फिर लिख दवा मेरे दर्द की….

जिस घाव से खून नहीं निकलता,
समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है.

तुम रख न सकोगे, मेरा तोहफा संभालकर,
वरना मैं अभी दे दूँ, जिस्म से रूह निकालकर…!

अपने वजूद पर इतना न इतरा … ए ज़िन्दगी.
वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है ।

वही हुआ न तेरा दिल, भर गया मुझसे…
कहा था न ये मोहब्बत नहीं हैं, जो तुम करती हो…!!

क्या कशिश थी उस की आँखों में.. मत पूछो.
मुझ से मेरा दिल लड़ पड़ा मुझे यही चाहिये…??

प्यार मोहब्बत चाहत इश्क़ जिन्दगी उल्फ़त ,
एक तेरे आने से कितना बदल गई किस्मत।

दिसम्बर क्या आया, रह गये दोनो अकेले
एक मै दुसरा वो कैलेण्डर का पेज आखरी

सपने तो बहुत आये पर, तुमसा कोई सपनों मे न आया।
फिजा मे फूल तो बहुत खिले पर, तुमसा फूल न मुसकुराया ॥

मन्जिले मुझे छोड़ गयी रास्तों ने सभाल लिया है..!!
जा जिन्दगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया है.

भूल कर भी अपने दिल की बात किसी से मत कहना,
यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है!

चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह..
मगर खामोश रहता हूँ, अपनी तकदीर की तरह..

ताकत की जरूरत तब होतीं हैं जब कुछ बुरा करना हों ..
वरना दुनियाँ में सब कुछ पाने के लिए प्यार ही काफ़ी हैं …!!

चाहो तो छोड़ दो.. चाहो तो निभा लो..
मोहब्बत तो हमारी है.. पर मर्जी सिर्फ तुम्हारी है..!!!

हम तो पागल है जो शायरी में ही दिल की बात कह देते है..
लोग तो गीता पे हाथ रखके भी सच नहीं बोलते !!

ना किया कर अपने दर्द को शायरी में ब्यान ये नादान दिल,
कुछ लोग टुट जाते हैं इसे अपनी दास्तान समझकर…

तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी,
हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी…!!
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